वर्ण विचार – विस्तार में – भाग १

स्वर वर्ण के भेद –

मूल स्वर

संयुक्त स्वर 

मूल स्वर – अ , आ ,इ , ई , उ ,ऊ ,ए , ओ 

संयुक्त स्वर – ऐ (अ +ए ), औ (अ +ओ )

मूल स्वर के प्रकार  –

मूल स्वर तीन प्रकार के होते हैं | 

ह्रस्व स्वर

दीर्घ स्वर

प्लुत स्वर

ह्रस्व स्वर– जिन स्वरों के उच्चारण में कम समय लगता है , उन्हें ह्रस्व स्वर कहते  है |  ये चार होते  है – अ , आ , उ , ऋ|  

ऋ की मात्रा (ृ ) होती है | 

दीर्घ स्वर– जिन स्वरों के उच्चारण में ज्यादा समय लगता है, उन्हें दीर्घ स्वर कहते है |  दीर्घ स्वर सात होते है – आ , ई , ऊ , ए ,ऐ , ओ , औ |

दीर्घ स्वर दो स्वर के मेल से बनते है |

आ = अ +अ 

 ई  = इ + इ

 ऊ = उ +उ 

 ए  = अ + इ  

ऐ = अ + ए 

ओ = अ + उ 

औ = अ  + ओ

प्लुत स्वर– जिन स्वरों के उच्चारण में दीर्घ स्वर से भी अधिक समय लगता है , यानी  ह्रस्व और दीर्घ स्वर के उच्चारण से तिगुना समय लगता है , उन्हें   प्लुत स्वर कहते है |

इसका चिन्ह है (ऽ) |  इसका प्रयोग पुकारते समय किया जाता है |  जैसे – सुनोऽऽ, ओऽम् | 

प्लुत  का प्रयोग वैदिक भाषा में अधिक हुआ है | 

अनुस्वार : अं (ां ) को अनुस्वार कहते है | इसका प्रयोग स्वर  के सिर पर बिंदी के रूप में होती है | 

विसर्ग : अः (ाः ) को विसर्ग कहते है | 

अयोगवाह : अं  ( अनुस्वार ),अः (विसर्ग ) को अयोगवाह कहते है | 

अनुनासिक इसका उच्चारण नाक और गले दोनों से होता है; जैसे–चाँद, आँगन, आदि इसका चिह्न (ँ) होता है।

व्यंजन – जिन वर्णो को बोलने के लिए स्वर की सहायता लेनी पढ़ती है , उन्हें व्यंजन वर्ण कहते है| जैसे – क , ख , ग , आदि |

व्यंजन वर्ण के प्रकार –
स्पर्श व्यंजन

अंतःस्थ व्यंजन

उष्म व्यंजन

 स्पर्श व्यंजन – 

स्पर्श का अर्थ है ‘ छूना ‘|  जिन व्यंजन वर्णो  का उच्चारण करते समय जीभ मुँह के किसी भाग जैसे – कण्ठ , तालु , मूर्धा , दाँत  अधवा होंठ का स्पर्श करती है , उन्हें स्पर्श व्यंजन कहते है | 

इन्हे हम वर्गीय व्यंजन भी कहते है | 

क् से लेकर म् तक 25 स्पर्श व्यंजन हैं।

कवर्ग – क  ख ग  घ  ङ   कण्ठ स्पर्श 

चवर्ग – च   छ  ज झ ञ    तालु  स्पर्श 

टवर्ग – ट  ठ  ड ढ ण ( ड़, ढ़) मूर्धा स्पर्श 

तवर्ग – त थ  द  ध  न   दांत स्पर्श 

पवर्ग – प फ ब  भ म   होंठ स्पर्श 

अंतःस्थ व्यंजन- 

‘अंन्त :’  का अर्थ होता है – ‘भीतर’|  जिन व्यंजन वर्णो  के उच्चारण के समय जो  व्यंजन मुँह के अंदर ही रहे उन्हें अंतःस्थ व्यंजन कहते है |

  ये व्यंजन होता है – य , र , ल , व |

उष्म व्यंजन – 

उष्म का अर्थ होता है – गर्म |  जिन व्यंजन वर्णो के उच्चारण के समय हवा मुँख से रगड़ खाकर ऊष्मा पैदा करती है , यानि उच्चारण के समय मुख से गर्म हवा निकलती है | 

ये व्यंजन होते है – श , ष , स , ह | 

भाग – 1 : बहुविकल्पी प्रश्न

(क) वर्ण क्या है?

  1. शब्द का अर्थ  2. भाषा की सबसे छोटी ध्वनि  3. वाक्य का भाग  4. कहानी का नाम

(ख) हिंदी में कुल कितने वर्ण होते हैं?

  1. 26  2. 33  3. 52  4. 11

(ग) वर्णों के समूह को क्या कहते हैं?

  1. शब्द  2. वाक्य  3. वर्णमाला  4. स्वर

(घ) “क” किस प्रकार का वर्ण है?

  1. स्वर  2. व्यंजन  3. संख्या  4. चिन्ह

(ङ) “अ” किस प्रकार का वर्ण है?

  1. व्यंजन  2. स्वर  3. संख्या  4. चिह्न

(च) “क” बोलने के लिए किसकी सहायता लेनी पड़ती है?

  1. स्वर  2. व्यंजन  3. शब्द  4. वाक्य

(छ) कौन-सा वर्ण अपने आप बोला जा सकता है?

  1. ब  2. न  3. अ  4. म

(ज) “राम” शब्द में कुल कितने वर्ण हैं?

  1. 2  2. 3  3. 4  4. 5

(झ) वर्णों के मेल से क्या बनता है?

  1. वाक्य  2. शब्द  3. पुस्तक  4. विचार

(ञ) हिंदी में कुल कितने स्वर होते हैं?

  1. 10  2. 11  3. 12  4. 13

(ट) हिंदी में कुल कितने व्यंजन होते हैं?

  1. 26  2. 33  3. 40  4. 52

भाग – 2 : रिक्त स्थान भरो

(क) _______ भाषा की सबसे छोटी इकाई है।
(ख) वर्णों का समूह _______ कहलाता है।
(ग) स्वर अपने आप _______ जा सकते हैं।
(घ) व्यंजन बोलने के लिए _______ की सहायता लेनी पड़ती है।
(ङ) हिंदी भाषा में कुल _______ वर्ण होते हैं।
(च) “कमल” शब्द में _______ वर्ण हैं।
(छ) _______ वर्णों के मेल से शब्द बनते हैं।
(ज) _______ शब्दों के मेल से वाक्य बनते हैं।


भाग – 3 : मिलान करो

A पक्षB पक्ष
वर्णभाषा की सबसे छोटी ध्वनि
स्वरअपने आप बोले जाते हैं
व्यंजनस्वर की सहायता से बोले जाते हैं
वर्णमालासभी वर्णों का समूह
शब्दवर्णों के मेल से बनता है
वाक्यकई शब्दों से बनता है
52हिंदी के कुल वर्ण
33हिंदी के कुल व्यंजन


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